हमारे बारे मे
मैं कौन हूँ ?
मेरा नाम वरेण्य मिश्रा (Varenya Mishraa) है। मैं एक स्वतंत्र लेखक और पाठक हूँ। साहित्य, समाज और अपने आस-पास की ज़िंदगी को देखने और समझने का मेरा अपना एक नज़रिया है, जिसे मैं अपनी कहानियों और कविताओं के ज़रिए शब्दों में ढालने की कोशिश करता हूँ।
इसी सोच के साथ मैंने 'दूसरा पक्ष' (Doosra Paksh) की शुरुआत की है—ताकि अपनी रचनाएँ और विचार सीधे पाठकों तक पहुँचा सकूँ।
मैं एक किताब पर भी काम कर रहा हु जिसका नाम मैंने 'अलविदा का पहला हफ्ता' (Alvida Ka Pehla Hafta) सोचा है । ये 16 कहानियों का संग्रह होने वाला है ।
मैं क्या लिखता हूँ?
कहानियाँ: आम ज़िंदगी के किस्से, सामाजिक संदर्भ और वो बातें जो अक्सर अनकही रह जाती हैं।
कविताएँ: मन के भाव, विचार और व्यक्तिगत अनुभव।
किताब समीक्षा (Book Reviews): जो किताबें मैं पढ़ता हूँ, उन पर अपनी ईमानदार और बेबाक राय साझा करता हूँ ताकि दूसरे पाठकों को अच्छी किताबें चुनने में मदद मिले।